ज़िंदा निगल गया बच्चे को !
पानी का शैतान !
एक 12 साल का बच्चा... जिसने पहले माता-पिता का साया खोया और अब ज़िंदगी भी नदी की लहरों में समा गई।
उत्तर प्रदेश के बहराइच से आई यह खबर दिल को भीतर तक चीर देती है। घाघरा (सरयू) नदी के किनारे खेल रहा 12 वर्षीय सुनील मगरमच्छ का शिकार बन गया। वह पहले से ही अनाथ था और उसके चाचा ही उसके लिए पिता, मां और पूरे परिवार का सहारा थे।
सबसे दर्दनाक दृश्य तब था, जब चाचा विजय अपने भतीजे को बचाने के लिए जान की बाज़ी लगा कर मगरमच्छ से कई मिनट तक भिड़े रहे। उन्होंने आखिरी सांस तक हार नहीं मानी, लेकिन नदी की गहराई आखिर उस मासूम को उनसे छीन ले गई।
गांव के लोगों ने भी शोर मचाया, ईंट-पत्थर फेंके और मगरमच्छ को भगाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में वह बच्चा हमेशा के लिए सबकी आंखों से ओझल हो गया।
ज़रा सोचिए... जिसने बचपन में ही मां-बाप खो दिए हों, वह बच्चा भी इतनी दर्दनाक मौत का हकदार नहीं था। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, इंसानियत की हार है।
यह हादसा प्रशासन के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। जिन इलाकों में मगरमच्छों का खतरा है, वहां स्पष्ट चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और लगातार निगरानी होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझ जाए।
और उन लोगों के लिए भी एक बात...
अगर किसी की जान खतरे में हो, तो सबसे पहले मदद बुलाइए, बचाव के सुरक्षित प्रयास कीजिए और भीड़ बढ़ाकर केवल तमाशबीन मत बनिए। किसी की आखिरी लड़ाई को मोबाइल के कैमरे का दृश्य नहीं, इंसानियत के हाथों की ज़रूरत होती है।
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